हनुमान टिप्पणी मामला: दिल्ली पुलिस ने सीएम रेखा गुप्ता को दी क्लीन चिट

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
हनुमान टिप्पणी मामला: दिल्ली पुलिस ने सीएम रेखा गुप्ता को दी क्लीन चिट

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक बड़े विवाद से राहत मिली है। दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें मुख्यमंत्री को उस शिकायत से क्लीन चिट दे दी गई है जिसमें उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया गया था। यह पूरा मामला मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी अधिकारियों की तुलना भगवान हनुमान से करने को लेकर शुरू हुआ था।

पूरा विवाद 23 सितंबर 2025 को आईएसबीटी कश्मीरी गेट में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ, जहाँ डीटीसी बस सेवाओं के शुभारंभ के मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने एक भाषण दिया था। अपने संबोधन में उन्होंने कहा था, "हमारे दिल्ली सरकार के अधिकारी सभी हनुमान की तरह हैं। ये हनुमान तब कड़ी मेहनत करते हैं जब उनकी पूंछ में आग लगती है, उससे पहले वे भूल जाते हैं।"

इस बयान के बाद राम निवास शर्मा नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की टिप्पणियां अपमानजनक थीं और इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 को मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने पुलिस को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।

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पुलिस जांच में क्या आया सामने?

15 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें भाषण के ट्रांसक्रिप्ट और जरूरी प्रमाण पत्र शामिल थे। पुलिस ने अपनी जांच में यह निष्कर्ष निकाला कि मुख्यमंत्री ने कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, जब पूरे वीडियो को संदर्भ के साथ देखा गया, तो यह साफ हुआ कि मुख्यमंत्री वास्तव में दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के समर्पण और उनके काम करने के तरीके की तारीफ कर रही थीं।

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया कि शिकायतकर्ता ने जानबूझकर भाषण के कुछ हिस्सों को हटाया ताकि उसके अर्थ को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा सके और इसे विवादित बनाया जा सके। पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री का इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना या अपमान करना नहीं था।

कोर्ट ने पुलिस की इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है और शिकायतकर्ता को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को होगी, जिसमें शिकायतकर्ता के वकील संजीव कुमार अपनी दलीलें पेश करेंगे।

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