अधिकारियों की तुलना हनुमान जी से करना था 'प्रशंसा', सीएम रेखा गुप्ता को दिल्ली पुलिस ने दी क्लीन चिट

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए बयान को लेकर मामला अब पुलिस की जांच तक पहुंचा। दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए मुख्यमंत्री को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीएम ने सरकारी अधिकारियों के काम की तारीफ करने के लिए उनकी तुलना भगवान हनुमान से की थी, जिसमें किसी भी तरह की अपमानजनक बात नहीं थी।
यह पूरा विवाद सितंबर 2025 में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण से शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा ने आरोप लगाया था कि सीएम ने अधिकारियों की तुलना हनुमान जी से करके उनका और धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है। हालांकि, पुलिस ने जब पूरे वीडियो की जांच की और ट्रांसक्रिप्शन तैयार किया, तो पाया कि मुख्यमंत्री वास्तव में कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना कर रही थीं।
शिकायतकर्ता ने जानबूझकर शब्दों को हटाया: पुलिस
पुलिस की रिपोर्ट में शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने वीडियो के कुछ हिस्सों को जानबूझकर हटा दिया ताकि संदर्भ को बदला जा सके और मामले को गलत तरीके से पेश किया जा सके। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा था कि "हनुमान जी की कृपा से सारे काम हो रहे हैं", जो उनके सम्मान और श्रद्धा को दर्शाता है।
रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया कि सीएम ने कैबिनेट मंत्रियों को हनुमान जी से प्रेरित होने के लिए कहा और उनकी कड़ी मेहनत की तुलना हनुमान जी की कार्यक्षमता से की। उन्होंने यह भी कहा था कि हनुमान जी के आशीर्वाद से दिल्ली से यूपी के लिए बसों के नए बेड़े का उद्घाटन हो रहा है। पुलिस का निष्कर्ष है कि इस पूरे भाषण का लहजा सराहनीय था और इसमें किसी भी तरह का संज्ञेय अपराध (cognizable offence) नहीं बनता है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (AJCM) अश्वनी पंवर ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है। अब इस मामले में शिकायतकर्ता के वकील को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया है और अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।