दौलत राम कॉलेज में सीएम रेखा गुप्ता ने किया नई सुविधाओं का उद्घाटन, सुरक्षा के लिए किए बड़े ऐलान
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने दौलत राम कॉलेज में नई बिल्डिंग और स्किल सेंटर का उद्घाटन किया और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े ऐलान किए।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को अपने पुराने कॉलेज दौलत राम कॉलेज पहुंचकर वहां नई सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज की शताब्दी शैक्षणिक इमारत (Centenary Academic Building), कंप्यूटर सेंटर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर का उद्घाटन किया। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि दिल्ली की हर लड़की को बिना किसी डर के आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
इस खास मौके पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह, कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर सविता रॉय और गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन मुकुल गुप्ता भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान सीएम गुप्ता ने 'मिस डीआरसी टैलेंट हंट' की भी शुरुआत की। उन्होंने अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि कैसे 1992 में इसी कॉलेज में छात्र राजनीति के दौरान मिले अनुभवों ने उन्हें सार्वजनिक जीवन और राजनीति की ओर मोड़ा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है, बल्कि तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल (practical skills) का होना बेहद जरूरी है ताकि युवा महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्मार्ट स्ट्रीटलाइट्स और CCTV का प्लान
कॉलेज परिसर से बाहर निकलकर पूरी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा मास्टरप्लान पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि शहर के अंधेरे इलाकों को खत्म करने के लिए 1 लाख स्मार्ट LED स्ट्रीटलाइट्स लगाई जाएंगी और निगरानी बढ़ाने के लिए 50,000 नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
खास बात यह है कि 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत लगाई जाने वाली इन लाइटों की जिम्मेदारी तय की गई है। अगर कोई एजेंसी 48 घंटे के भीतर खराब लाइट को ठीक नहीं करती है, तो उस पर 2,000 रुपये प्रति लाइट प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, हर स्ट्रीटलाइट पर एक QR कोड होगा, जिसके जरिए आम जनता अपनी शिकायत या फीडबैक दे सकेगी। बजट 2026-27 में इसके लिए भारी फंड आवंटित किया गया है, ताकि कॉलेज कैंपस और सार्वजनिक स्थानों के आसपास का माहौल सुरक्षित बनाया जा सके और महिलाएं निडर होकर घूम सकें।