दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा, सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप

राजधानी दिल्ली में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रदर्शन के दौरान हुई अव्यवस्था के लिए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), वामपंथी दलों और सीजेपी (CJP) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इन दलों ने विरोध के नाम पर दिल्ली की सड़कों पर अराजकता फैलाई और जानबूझकर सुरक्षा बलों को उकसाने की कोशिश की ताकि तनावपूर्ण स्थिति पैदा की जा सके।
सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर जो कुछ भी हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि 'प्रोफेशनल आंदोलनकारियों' ने दिल्ली के सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से स्थिति नियंत्रण में रही। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के आम नागरिकों के धैर्य और समझदारी की भी सराहना की, जिन्होंने इस कठिन समय में शांति बनाए रखी।
पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने बेहद संयम और जिम्मेदारी के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उकसावे के बावजूद अपना आपा नहीं खोया। सीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसी भी विरोध प्रदर्शन को दिल्लीवासियों के दैनिक जीवन में बाधा डालने की अनुमति नहीं देगी और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि शनिवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रहे और गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई थी। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हवाई अड्डे से ही हिरासत में ले लिया था, जिनमें अभिजीत डिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास शामिल थे।
इस हंगामे के दौरान कई बड़े विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, CPI(M) नेता एमए बेबी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन शामिल थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीजेपी नेताओं को छोड़कर अन्य हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया है, जबकि नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। आने वाले दिनों में और विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए दिल्ली में भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है।