CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, CJP ने INDIA गठबंधन की 1 नवंबर की रैली को दिया समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और 1 नवंबर की रैली का समर्थन किया है।

देश में निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार अब विवादों के घेरे में हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह 1 नवंबर को INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित की जाने वाली रैली का पूरा समर्थन करेगी।
CJP ने एक बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि जनता अपनी सरकार चुने, न कि सरकार अपने मतदाताओं को चुने। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) की प्रक्रिया ने इस लोकतांत्रिक सिद्धांत को चोट पहुंचाई है। पार्टी का मानना है कि ज्ञानेश कुमार अब उस भरोसे को खो चुके हैं, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जरूरी होता है। इसी वजह से उन्होंने "GYANU MUST GO" का नारा बुलंद किया है।
संविधान और वोटिंग अधिकारों पर उठाए सवाल
पार्टी ने संविधान के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जैसे दिग्गजों ने यह सुनिश्चित किया था कि जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना हर वयस्क नागरिक को वोट देने का समान अधिकार मिले। CJP के मुताबिक, लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मकसद नागरिकों को जोड़ना होना चाहिए, न कि उन्हें बाहर करना।
पार्टी ने आशंका जताई है कि SIR प्रक्रिया के कारण कई पात्र मतदाता चुनावी सूचियों से बाहर हो सकते हैं, जिससे नागरिकों के वोट देने के अधिकार में बाधा आएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी हर पात्र नागरिक के वोटिंग अधिकार की रक्षा करना है, न कि उसमें मुश्किलें पैदा करना।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने 30 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक सार्वजनिक महाभियोग जैसी प्रक्रिया शुरू करने की योजना बनाई है। इसके बाद 'दिल्ली चलो' मार्च निकाला जाएगा और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अब कॉकरोच जनता पार्टी भी अपना समर्थन देगी।