जंतर मंतर पर प्रदर्शन बैन: CJP ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को घेरा, कहा- यह लोकतंत्र का डी-नोटिफिकेशन है

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर पर प्रदर्शन बैन: CJP ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को घेरा, कहा- यह लोकतंत्र का डी-नोटिफिकेशन है

राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित विरोध प्रदर्शन स्थल, जंतर मंतर को अधिकृत प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले पर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के इस कदम को संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक जगह को हटाना नहीं, बल्कि "लोकतंत्र का डी-नोटिफिकेशन" है।

यह पूरा विवाद तब गहरा गया जब दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर से CJP कार्यकर्ता सौरव दास, आशुतोष रंका और 12 अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले गए। इस कार्रवाई के बाद CJP की कार्यकर्ता मेहर पारसीचा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और प्रशासन पर तीखे हमले किए।

सुरक्षा बलों की तैनाती और अधिकारों का हनन

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

मेहर पारसीचा ने दिल्ली के मध्य इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे इलाके को एक किले में बदल दिया गया है। उन्होंने हैरानी जताई कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकने के लिए सीमाओं से अर्धसैनिक बलों और पुलिस की भारी तैनाती की गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या देश की सेना और सुरक्षा बलों के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को रोकने के अलावा और कोई काम नहीं है?

पार्टी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनता की आवाज को सत्ता के गलियारों से दूर धकेलना चाहती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर सरकार चाहती है कि विरोध प्रदर्शन सत्ता से दूर हों, तो इसे पंजाब या हिमालय की किसी चोटी पर शिफ्ट कर देना चाहिए।

मेहर पारसीचा ने यह भी दावा किया कि वे नियमों का पालन करने के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन गए थे और 10 दिन के नोटिस की प्रक्रिया के बारे में बात करना चाहते थे। लेकिन उनके अनुसार, वहां कोई भी वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं था और उनके बाहर निकलने के महज 30 मिनट बाद जंतर मंतर को डी-नोटिफाई करने का प्रेस रिलीज जारी कर दिया गया।

सीधे तौर पर केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के निर्देशों पर काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि नागरिकों से उनके प्रतिष्ठित विरोध स्थल को इस तरह छीनना तानाशाही जैसा है और यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment