आकाशवाणी भवन के पास पथराव, दिल्ली पुलिस ने 500 से ज्यादा CJP प्रदर्शनकारियों को लिया हिरासत में

राजधानी दिल्ली में गुरुवार को उस वक्त तनाव फैल गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर और कनॉट प्लेस पहुंचे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालात इस कदर बिगड़ गए कि आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
सुरक्षा घेरा और इंटरनेट सस्पेंशन
प्रशासन ने इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू कर दी थी। सुरक्षा के मद्देनजर जनपथ और कर्तव्य पथ के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवा को भी बंद रखा गया था। पुलिस ने शहर भर में 20,000 से अधिक जवानों की तैनाती की थी और जंतर मंतर के चारों ओर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी ताकि भीड़ को अंदर आने से रोका जा सके।
पुलिस कार्रवाई के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके, सौरभ दास और आशुतोष रंका समेत कई प्रमुख नेताओं को प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय और कुछ वकील भी इस प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए।
हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां CJP नेतृत्व का कहना है कि करीब 10,000 लोगों को पकड़ा गया, वहीं आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 500 से 1,500 के बीच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पथराव की घटना में शामिल संदिग्ध 50 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।