जंतर मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन की चेतावनी, दिल्ली में सुरक्षा सख्त; मेट्रो और ट्रेनें प्रभावित

देश की राजधानी दिल्ली आज भारी सुरक्षा घेरे में है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर मंतर पर बुलाए गए विरोध प्रदर्शन के चलते पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने आवेदन में देरी और पुराने नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, लेकिन CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने साफ कर दिया है कि विरोध प्रदर्शन हर हाल में होगा। इसी तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
शहर की व्यवस्था को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने लगभग 23,000 से 35,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस पूरी स्थिति का सबसे बड़ा असर आम जनता की आवाजाही पर पड़ा है। आज सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों से चलने वाली करीब 75 से 245 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। साथ ही, दिल्ली मेट्रो के 45 से 57 स्टेशनों को बंद रखा गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाजार बंद और इंटरनेट सेवाएं निलंबित
सुरक्षा एजेंसियों ने जनपथ-कर्तव्य पथ के 4 किलोमीटर के दायरे में रात 10 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया है। केवल यातायात ही नहीं, बल्कि व्यापारिक गतिविधियां भी पूरी तरह ठप नजर आ रही हैं। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने कनॉट प्लेस के सभी दुकानदारों और रेस्टोरेंट मालिकों को सुरक्षा कारणों से दुकानें बंद रखने की सलाह दी है। इसके अलावा करोल बाग, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस और नई लाजपत राय मार्केट जैसे प्रमुख बाजारों में भी शटर गिरे हुए हैं। शहर की सभी शराब दुकानों को रविवार तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने शहर के 30 से अधिक प्रमुख पॉइंट्स पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है। लुटियंस दिल्ली और जंतर मंतर के आसपास ओला और उबर जैसी कैब सेवाओं पर पाबंदी लगाई गई है। हालांकि जोमैटो, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी डिलीवरी सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं है, लेकिन प्रशासन उन बल्क ऑर्डर्स पर पैनी नजर रख रहा है जो प्रदर्शन स्थल की ओर भेजे जा रहे हैं। गृह मंत्रालय ने अन्य राज्यों को भी दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाने के निर्देश दिए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने इन व्यापक प्रतिबंधों और आम जनता की आवाजाही पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई है।