CJP विरोध प्रदर्शन: जंतर मंतर पर सुरक्षा सख्त, रेलवे स्टेशनों पर 334 जवान तैनात

राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर मंतर पर बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें रेलवे स्टेशनों पर भारी संख्या में जवानों की तैनाती शामिल है।
डीसीपी रेलवे बी. भारत रेड्डी ने बताया कि दिल्ली के सात प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इस सुरक्षा घेरे में कुल 334 जीआरपी कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 120 महिला अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 14 कंपनियों की मदद ली जा रही है, जो लगातार ड्यूटी पर रहेंगी। विशेष रूप से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सोशल मीडिया और सीसीटीवी से निगरानी
पुलिस केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी नजर रख रही है। डीसीपी रेड्डी के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट और आरपीएफ (RPF) की इंटेलिजेंस विंग से मिल रहे इनपुट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कंट्रोल रूम के जरिए भीड़ की हलचल को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आम यात्रियों के लिए रेल यात्रा में कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन यदि कोई कानून तोड़ता है या शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने बताया कि CJP के सह-संयोजक सौरभ दास ने 7 अक्टूबर को आवेदन दिया था, जो कि निर्धारित 10 दिनों की समय सीमा से बहुत कम था। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि पिछली बार अनुमति मिलने के बाद पार्टी ने कानूनी निर्देशों और अपने ही दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया था। सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए इस बार अनुमति खारिज कर दी गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम करने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।