CJP का ऐलान: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा दिल्ली में प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बड़ा ऐलान किया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। यह प्रदर्शन अब 32वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा CJP।
- पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी।
- NEET पेपर लीक और CBSE सुधारों को लेकर सरकार पर दबाव।
- दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ 'brutal lathi charge' का आरोप।
सोनम वांगचुक की मांगें और स्वास्थ्य स्थिति
लद्दाखी पर्यावरणविद सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उन्हें 18 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वह अपना अनशन तभी खत्म करेंगे जब सरकार प्रदर्शनकारियों पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने का आश्वासन दे, छात्रों के परिवारों को मुआवजा मिले और संसद में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित जवाबदेही पर चर्चा हो। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे अस्पताल में मुलाकात की है, जहां पता चला कि उनका वजन 11 किलो तक कम हो गया है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल और आगे की रणनीति
CJP ने 20 जुलाई को 'Sansad Chalo' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, हरियाणा पुलिस ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों को मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मिलने से रोक दिया। CJP प्रवक्ता आशुतोष रंका ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली में लाखों की संख्या में और छात्र जुटेंगे। इस आंदोलन को अब न्यूयॉर्क, लंदन और डबलिन जैसे शहरों से भी वैश्विक समर्थन मिल रहा है।