CJP के 'लेहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में अलर्ट, 32 हजार जवान तैनात

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बुलाए गए 'लेहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने राजधानी के मध्य इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगभग 30,000 से 32,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। यह पूरी कवायद उस समय हुई जब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का आह्वान किया है।
विवाद की जड़ चुनाव सूची में कथित अनियमितताएं हैं, जिसके बारे में CJP का आरोप है कि इससे सत्ताधारी भाजपा को फायदा पहुँचा है। इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी (AAP) का भी समर्थन मिला है। प्रदर्शन की तैयारी आज शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में थी, लेकिन प्रशासन ने पहले ही कमर कस ली है।
सेंट्रल पार्क बंद और धारा 163 लागू
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए न्यू दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत भीड़ इकट्ठा करने पर सख्त पाबंदी है।
दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके को कार्यक्रम रद्द करने का औपचारिक नोटिस भेजा है और उनके आवास पर भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने इन कदमों का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी के पिछले इतिहास में संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और भीड़ द्वारा हिंसा करने की घटनाएं रही हैं, इसलिए सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।
दूसरी ओर, CJP नेतृत्व का आरोप है कि सरकार उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबा रही है। उनका कहना है कि जंतर मंतर को विरोध स्थल के रूप में डी-नोटिफाई करना और सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियां लगाना उनके प्रदर्शन को रोकने की साजिश है। हालांकि, पुलिस ने संकेत दिया है कि वे एक सीमित समूह को किसी निर्धारित स्थान पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने की अनुमति दे सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी चेतावनी जारी की है कि आज दोपहर 3 बजे के बाद कनॉट प्लेस के आसपास जाम या यातायात में बाधा आ सकती है, इसलिए लोग सावधानी बरतें।