जंतर मंतर पर CJP नेताओं का हंगामा, बैरिकेड्स तोड़कर घुसे तो पुलिस ने लिया हिरासत में

देश की राजधानी में विरोध प्रदर्शनों पर सख्ती जारी है। इसी बीच 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका को जंतर मंतर से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब ये नेता अपने साथियों के साथ जबरन बैरिकेड्स और गेट तोड़कर अंदर दाखिल हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
मिली जानकारी के मुताबिक, CJP नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान वे 'भारत माता की जय' जैसे नारे लगा रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें वहां से हटाया। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर जंतर मंतर को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अब प्रदर्शनों के लिए केवल रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को ही निर्धारित किया गया है।
नियमों की अनदेखी और पहले की कार्रवाई
नई दिल्ली जिले में वर्तमान में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जो बिना अनुमति के किसी भी तरह के जमावड़े या सभा पर रोक लगाती है। CJP नेताओं का पुलिस से टकराव यह पहली बार नहीं है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी सौरव दास, आशुतोष रंका और पार्टी नेता अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया था, जब वे एक विरोध प्रदर्शन के लिए यात्रा कर रहे थे। उस समय उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था और 50,000 रुपये के बांड पर इस शर्त के साथ रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति बनाए रखेंगे और कोई ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे व्यवस्था बिगड़े।
अधिकारियों ने बताया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी गई थी क्योंकि पार्टी ने अनिवार्य 10 दिन पहले सूचना देने के नियम का पालन नहीं किया था और उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए सुरक्षा जोखिम माना गया था। इसके बावजूद जंतर मंतर पर दोबारा कोशिश करने के कारण पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं।