CJP नेताओं ने हिरासत विस्तार को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो प्रमुख नेताओं, आशुतोष रंका और सौरव दास ने अपनी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। CJP leaders custody challenge के इस मामले में उनके कानूनी प्रतिनिधियों ने अदालत से इस विषय पर जल्द से जल्द सुनवाई करने की अपील की है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) ऋतुराज की अदालत ने रंका और दास की न्यायिक हिरासत को 21 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इन दोनों नेताओं ने 11 अक्टूबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम जिले के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है। अदालत का मानना था कि इन नेताओं ने कानून की अनदेखी की और प्रतिबंधित क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन भड़काने की कोशिश की, जिसमें जंतर मंतर पर अनधिकृत प्रवेश और प्रदर्शन शामिल था।
पुलिस की दलील और पार्टी का विरोध
दिल्ली पुलिस ने अदालत में पांच दिनों की अतिरिक्त हिरासत की मांग करते हुए तर्क दिया था कि यदि इन नेताओं को रिहा किया गया, तो इससे शांति और व्यवस्था बिगड़ सकती है। गौरतलब है कि रंका और दास 14 अक्टूबर 2026 से हिरासत में हैं। यह कार्रवाई तब हुई जब दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था।
दूसरी ओर, CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने इस हिरासत पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उद्देश्यों के कारण नेताओं की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए और न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए। वहीं, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि प्रतिरोध की आवाज को इस तरह दबाया नहीं जा सकता।