CJP जंतर मंतर 2.0 प्रदर्शन: दिल्ली के बॉर्डर पर कड़ी चेकिंग, छावनी में तब्दील हुई राजधानी

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'जंतर मंतर 2.0' प्रदर्शन के चलते दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरी राजधानी को एक किले में तब्दील कर दिया है। शनिवार को दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित सिंघू बॉर्डर और गाजियाबाद के तुलसी निकेतन बॉर्डर पर वाहनों की गहन तलाशी ली गई, जिससे कई जगहों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों पर दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के 35,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। मंडी हाउस सर्कल से रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने फ्लैग मार्च निकाला, वहीं कनॉट प्लेस और जनपथ के आसपास भी पुलिस ने मार्च कर सुरक्षा का जायजा लिया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जनपथ के पास से कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। इसके अलावा, CJP कार्यकर्ता अभिजीत डिपके के आगमन को देखते हुए आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हिरासत के लिए स्टेडियम तैयार, बॉडी कैम से होगी निगरानी
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि पिछले अनुभवों में हिंसा की घटनाएं देखी गई थीं। पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी व्यक्ति को प्रदर्शन करते पाया गया तो उसे तुरंत हिरासत में ले लिया जाएगा। इसके लिए छत्रसाल और राजीव गांधी स्टेडियम सहित छह स्टेडियमों और सामुदायिक केंद्रों को अस्थायी होल्डिंग सेंटर के रूप में तय किया गया है।
इस बार पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए जवानों को वर्दी पर बॉडी कैमरे लगाए गए हैं। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये कैमरे कम रोशनी में भी रिकॉर्डिंग कर सकते हैं, ताकि किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के आरोपों की स्थिति में सच्चाई सामने आ सके। सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उकसावे वाली बातों से बचें और लाठियों का उपयोग करें, हालांकि CAPF जवानों को हथियार ले जाने से मना किया गया है।
आम जनता के लिए भी इस सख्ती का असर दिख रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मध्य दिल्ली के चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा प्रतिबंधों और जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।