IGI एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से CJP संस्थापक अभिजित दिपके हिरासत में

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजित दिपके और उनके साथियों को विमान के भीतर से ही हिरासत में ले लिया। यह घटना तब हुई जब अभिजित दिपके, पार्टी नेता सौरव दास और आशुतोष रंका मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, CJP के ये नेता जंतर मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे थे। उनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर थी, जिन पर विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पहले ही इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए यह कदम उठाया।
हिरासत के दौरान अभिजित दिपके काफी निडर नजर आए और उन्होंने पुलिस से कहा, "मैं यहाँ गिरफ्तार होने ही आया हूँ; मुझे गिरफ्तार कर लीजिए।" दिलचस्प बात यह है कि उन्हें इस कार्रवाई का अंदाजा पहले से था। उन्होंने अपनी मां से बात करते हुए कहा था कि वे रोएं नहीं और जो भी होगा अच्छे के लिए होगा। उनकी मां ने सरकार के इस रवैये पर गहरी नाराजगी जताई और कहा कि देश के लिए काम करने वालों को पकड़ा जा रहा है जबकि अपराधी खुले घूम रहे हैं। उनके पिता भगवान दिपके ने भी देश की लोकतांत्रिक स्थिति पर सवाल उठाए।
तानाशाही का आरोप और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विमान के अंदर से एक वीडियो जारी करते हुए अभिजित दिपके ने मौजूदा राजनीतिक माहौल की तुलना आपातकाल से भी बदतर तानाशाही से की। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कोई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक 'निवारक हिरासत' (Preventive Detention) है। इस कार्रवाई के लिए महिला पुलिस कर्मियों की मदद ली गई। पार्टी का आरोप है कि हिरासत में लिए गए नेताओं को उनके परिवार और वकीलों से बात नहीं करने दी जा रही है।
इस मामले में केवल पार्टी नेता ही नहीं, बल्कि यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को भी उनके घरों से हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जिसमें मेट्रो पर पाबंदियां, ट्रैफिक डायवर्जन और इंटरनेट सेवाओं में कटौती जैसी खबरें सामने आई हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसे "ब्लैक इमरजेंसी" करार दिया है। वहीं, CJP ने इस कदम को अपनी लीडरशिप को खत्म करने की एक अधिनायकवादी कोशिश बताया है। अब पार्टी के संचालन की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे को सौंपी गई है।