Cockroach Janta Party का एंटी-पेपर लीक बिल पर बड़ा हमला, उठाए गंभीर सवाल

दिल्ली एनसीआर के छात्रों और युवाओं से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। Cockroach Janta Party (CJP) ने लोकसभा में हाल ही में पास हुए Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि यह कानून सिर्फ सजा देने पर ध्यान देता है, न कि पेपर लीक को रोकने पर।
• CJP ने एंटी-पेपर लीक बिल की आलोचना की
• 10 साल की सजा और ₹50 लाख तक के जुर्माने पर सवाल
• NTA में सुधार और पारदर्शिता की मांग
कड़े कानून पर CJP के तीखे सवाल
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यह नया कानून, जिसके तहत अधिकतम 10 साल की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना तय किया गया है, केवल अपराध होने के बाद अपराधियों को सजा देने पर फोकस करता है। यह बिल पेपर लीक होने की असल वजहों को खत्म करने और ऐसी घटनाओं को रोकने में नाकामयाब साबित हो रहा है।
NEET-UG विवाद और सरकार की नीतियां
आपको बता दें कि यह बिल संसद में NEET-UG examination controversy के बाद पास किया गया था, जिसके चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। आशुतोष रांका ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने पेपर लीक को पहले ही रोकने के ठोस उपायों के बजाय केवल कड़ी सजा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट को प्राथमिकता दी है।
पार्टी की पांच सूत्रीय मांगें और सिस्टम में सुधार
इसके बजाय, CJP ने National Testing Agency (NTA) के भीतर बड़े सुधारों, परीक्षा के शेड्यूल और सिलेबस में ज्यादा पारदर्शिता, वेंडर की बेहतर निगरानी और फिजिकल व डिजिटल ऑडिट लागू करने की मांग की है। CJP संस्थापक Abhijeet Dipke ने कहा कि केवल कानूनी सुधारों से काम नहीं चलेगा जब तक कि इन्हें लागू करने वालों की नीयत ठीक न हो। उन्होंने एक मामले का हवाला दिया जहां CBI वकील के न आने पर पेपर लीक केस की सुनवाई टाल दी गई थी। पार्टी ने पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए एक नया एक्ट लाने और राष्ट्रीय परीक्षा निकायों में सिस्टम को ठीक करने के लिए पांच सूत्रीय मांग पत्र भी जारी किया है।