दिल्ली में हिरासत मामला: CJP ने पीएम मोदी को बताया 'कायर', ध्रुव राठी ने लगाया किडनैपिंग का आरोप

Kittu Kumari11 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में हिरासत मामला: CJP ने पीएम मोदी को बताया 'कायर', ध्रुव राठी ने लगाया किडनैपिंग का आरोप

देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि दिल्ली में जिस तरह से लोगों को हिरासत में लिया गया, वह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।

सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें भारत के लिए 'शर्मिंदगी' बताया। उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि देश ने इससे बड़ा कायर और बुली (धौंस जमाने वाला) कभी नहीं देखा। वहीं, एक अन्य कार्यकर्ता आशुतोष रंका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'गद्दार' करार देते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और कहा कि ऐसे लोगों को हटाने के लिए वे पूरी जिंदगी जेल में बिताने को तैयार हैं।

ध्रुव राठी ने साझा किया अपना खौफनाक अनुभव

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला दावा यूट्यूबर ध्रुव राठी ने किया है। राठी का आरोप है कि शनिवार को जब वह सो रहे थे, तब करीब 20 सादे कपड़ों में आए लोग उनके घर में जबरन घुस आए और उन्हें घसीटते हुए बाहर ले गए। उन्होंने इसे कानूनी हिरासत नहीं, बल्कि 'किडनैपिंग' करार दिया है। राठी के मुताबिक, उन्हें बेडरूम से खींचकर सीढ़ियों से नीचे ले जाया गया, जिससे उन्हें चोटें भी आईं।

राठी ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें चप्पल तक पहनने नहीं दी गई और सीधे जीप में डालकर अलग-अलग पुलिस थानों ले जाया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनका और उनके माता-पिता का फोन जब्त कर लिया ताकि वह इस घटना की रिकॉर्डिंग न कर सकें और न ही किसी से संपर्क कर पाएं। राठी का दावा है कि उन्हें करीब 20 से 22 घंटे तक कैद रखा गया और इस दौरान उन्हें वकील से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बेहद कड़ी थी। पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल, सीपीएम नेता पिनाराई विजयन और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी जैसे दिग्गज नेता भी शामिल थे। इस दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाए गए और 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए, जिसे लेकर अब लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के आरोप लग रहे हैं।

Share:

Comments

Leave a comment