दिल्ली में भारी सुरक्षा पर CJP का हमला, कहा- शहर को बनाया गया छावनी, यह 'खुली इमरजेंसी' है

देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से तैनात भारी सुरक्षा बलों और परिवहन प्रतिबंधों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली की मौजूदा स्थिति 1975 में लागू की गई 'आपातकाल' (Emergency) की याद दिलाती है। CJP ने इसे युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन को कुचलने की एक साजिश करार दिया है।
नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रंका ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। सौरव दास ने कहा कि दिल्ली को पूरी तरह से एक 'छावनी' में बदल दिया गया है। उनके मुताबिक, कश्मीर, बंगाल और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से करीब 30,000 से 40,000 सुरक्षा कर्मियों को लाकर शहर में तैनात किया गया है। दास ने दावा किया कि इस तरह का दमनकारी माहौल 1975 के तानाशाही दौर के बाद नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों से न केवल प्रदर्शनकारी, बल्कि आम नागरिक भी परेशान हो रहे हैं।
मेट्रो बंदी और पुलिस की संवेदनहीनता पर उठाए सवाल
पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर जनता की आवाजाही को बाधित कर रहा है ताकि लोगों में आंदोलन के प्रति गुस्सा पैदा हो। CJP ने 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, राजधानी जैसी ट्रेनों के निलंबन और रविवार के दिन बाजारों को बंद कराने के फैसले की कड़ी निंदा की।
वहीं, आशुतोष रंका ने दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए इसे 'अमानवीय' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता अभिजीत डिपके की दादी के निधन की खबर देते समय पुलिसकर्मी संवेदनहीन थे। रंका का दावा है कि जब डिपके को उनके परिवार में हुई मौत की जानकारी दी जा रही थी, तब पुलिसकर्मी कैमरे और माइक्रोफोन लेकर खड़े थे, जैसे वे किसी के निजी दुख को तमाशा बनाना चाहते हों।
बता दें कि शनिवार को जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही और करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन जैसे बड़े नेता भी शामिल थे। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुरक्षा इंतजाम जारी रहेंगे क्योंकि CJP, AIYF, AISF और SFI जैसे संगठनों द्वारा नए विरोध प्रदर्शनों की आशंका है।