CJP कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रंका रिहा, कोर्ट ने स्वीकार किए जमानत बांड

दिल्ली की मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने बुधवार को CJP कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों द्वारा पेश किए गए जमानत बांड (surety bonds) को स्वीकार करते हुए उन्हें जेल से छोड़ने की अनुमति दी है।
एसईएम रितु राज की अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि ये आरोपी किसी अन्य मामले में हिरासत में नहीं हैं, तो इन्हें तुरंत रिहा किया जाए। इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने उनसे नए जमानत बांड पेश करने को कहा था। गौरतलब है कि इन कार्यकर्ताओं की न्यायिक हिरासत को 19 अक्टूबर तक बढ़ाया गया था और इससे पहले उन्हें 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में रखा गया था।
पुलिस की दलील और कोर्ट की कार्यवाही
मामले की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी (IO) ने दिल्ली पुलिस के कानूनी सलाहकार प्रशांत प्रकाश और भैरो दास की मदद से उनकी न्यायिक हिरासत को और 5 दिनों के लिए बढ़ाने की मांग की थी। पुलिस का तर्क था कि आरोपियों के पिछले आचरण और रिकॉर्ड को देखते हुए इस बात का भरोसा नहीं किया जा सकता कि वे भविष्य में इस तरह के अपराध दोबारा नहीं करेंगे।
दूसरी ओर, आरोपियों की पैरवी कर रहे वकील अभिक चिमनी और पुष्प शर्मा ने उनकी तत्काल रिहाई की अपील की। उन्होंने दलील दी कि आरोपियों द्वारा 10 अक्टूबर के बाद किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन या कॉल नहीं किया गया है। वकील ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपी व्यक्तिगत रूप से जंतर मंतर गए थे और उनके द्वारा दोबारा अपराध करने की कोई आशंका नहीं है।
इन दलीलों और जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का फैसला सुनाया।