CJP कार्यकर्ताओं की रिहाई: 50 हजार के बॉन्ड और एक साल शांति बनाए रखने की शर्त पर छूटे तीन सदस्य

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन कार्यकर्ताओं—अभिजीत डिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास को रिहा कर दिया है। इन तीनों को 10 अक्टूबर 2026 को एहतियाती तौर पर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इन कार्यकर्ताओं को 50,000 रुपये का जमानत बॉन्ड भरने और अगले एक साल तक शांति एवं अच्छा व्यवहार बनाए रखने की शर्त पर छोड़ा गया है।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन तीनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद 11 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली कैंटोनमेंट स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस का दावा है कि हिरासत और कोर्ट में पेशी के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया है।
सुरक्षा अभियान और विरोध प्रदर्शन का मामला
बता दें कि 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया गया था, जिसके तहत राजधानी में करीब 7,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई थी और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी पाबंदी लगाई गई थी। CJP के सदस्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
रिहाई के बाद CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे ने संकेत दिए हैं कि कानूनी शर्तों के बावजूद जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाए हैं। सौरव दास ने इसे "आपातकाल जैसी स्थिति" बताया और दावा किया कि उन्हें बिना किसी नोटिस या कानूनी सलाह के उठा लिया गया था। आशुतोष रंका ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान अभिजीत डिपके को उनकी दादी की मृत्यु की खबर मिलने के बावजूद परिवार से बात नहीं करने दी गई।
इस घटनाक्रम के बीच, दिल्ली पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि 11 अक्टूबर को हिंदू रक्षा दल से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर CJP के प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्रों के साथ मारपीट करने का आरोप है।