जंतर मंतर मामला: पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ऑफिस से लौटे CJP कार्यकर्ता
जंतर मंतर मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए CJP कार्यकर्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रंका राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच ऑफिस से लौटे।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जंतर मंतर में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं को तलब किया था। इसी सिलसिले में गुरुवार को सौरभ दास और आशुतोष रंका राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंचे, जहां जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों कार्यकर्ता ऑफिस से रवाना हो गए।
दरअसल, यह पूरा मामला 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस का आरोप है कि इन कार्यकर्ताओं ने निजी परिसरों के जरिए इलाके में प्रवेश किया और शांति बनाए रखने की शर्तों का उल्लंघन किया। गौरतलब है कि जंतर मंतर को अब आधिकारिक तौर पर विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है, जिसके कारण पुलिस ने इसे अनाधिकृत प्रवेश और नियमों का उल्लंघन माना है।
अदालती शर्तें और पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में सौरभ दास और आशुतोष रंका को पहले हिरासत में लिया गया था, लेकिन 21 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के दौरान अदालत ने उनसे 50,000 रुपये के व्यक्तिगत और जमानत बॉन्ड भरवाए थे। साथ ही, दोनों कार्यकर्ताओं से लिखित वचन लिया गया कि वे शांति बनाए रखेंगे और कानून का पालन करेंगे।
अदालत के निर्देशों के अनुसार, उन्होंने यह वादा किया था कि जब तक जंतर मंतर को कानूनी तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, वे वहां किसी भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी प्रदर्शन संवैधानिक दायरे के भीतर ही किया जाएगा।
वहीं, पूछताछ के दौरान आशुतोष रंका ने बताया कि वे पहले एक बार समन के बावजूद नहीं पहुंच पाए थे, जिसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दे दी थी। उन्होंने कहा कि वे अब पुलिस की अगली तारीख और समय का इंतजार कर रहे हैं ताकि जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जा सके।