जंतर मंतर अतिक्रमण मामला: CJP कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रंका क्राइम ब्रांच के सामने पेश
जंतर मंतर में अतिक्रमण के मामले में CJP कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रंका क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। जानें क्या है पूरा मामला।

जंतर मंतर पर अतिक्रमण और शांति भंग करने के मामले में फंसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रंका गुरुवार को राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे। दोनों कार्यकर्ता जांच एजेंसी द्वारा बुलाए जाने के बाद पूछताछ के लिए वहां पहुंचे हैं।
दरअसल, इस मामले में क्राइम ब्रांच ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को 22 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उस समय ये तीनों वहां नहीं पहुंच पाए थे। इस देरी पर सफाई देते हुए आशुतोष रंका ने कहा कि वे पिछली तारीख को नहीं आ सके थे और इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई थी। उन्होंने बताया कि वे अब क्राइम ब्रांच से अगली तारीख और समय की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। पुलिस का आरोप है कि जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किए जाने के बावजूद, इन कार्यकर्ताओं ने निजी परिसर के जरिए वहां प्रवेश किया और शांति व्यवस्था का उल्लंघन किया।
इस मामले में सौरव और आशुतोष को हिरासत में लिया गया था, लेकिन 21 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। कोर्ट ने 50,000 रुपये के व्यक्तिगत और surety बॉन्ड भरने के साथ-साथ शांति बनाए रखने का लिखित आश्वासन लेने के बाद उन्हें रिहा किया था।
अदालत के निर्देशों के मुताबिक, दोनों कार्यकर्ताओं ने लिखित में वादा किया है कि वे सार्वजनिक शांति में खलल नहीं डालेंगे और जब तक कानूनन जंतर मंतर को दोबारा विरोध स्थल घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां किसी प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में कोई भी विरोध प्रदर्शन संवैधानिक दायरे के भीतर ही किया जाएगा।