जंतर मंतर पर घुसपैठ के आरोप में CJP कार्यकर्ता गिरफ्तार, रत्ना सिंह ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

देश की राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की कोशिश करना कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे सहित अन्य को कथित तौर पर घुसपैठ करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन कार्यकर्ताओं को प्रिवेंटिव अरेस्ट (निवारक गिरफ्तारी) के तहत हिरासत में लिया गया है।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब ये कार्यकर्ता जंतर मंतर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। गौरतलब है कि प्रशासन ने हाल ही में इस स्थल को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल (designated protest location) की सूची से हटा दिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रत्ना सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
CJP की रत्ना सिंह ने इस पूरी कार्रवाई को अवैध बताते हुए दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को देर रात तक उनके वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। सिंह के अनुसार, कार्यकर्ताओं को रात 3 बजे एक निजी वैन के जरिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया। उन्होंने आशंका जताई कि कार्यकर्ताओं को तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
रत्ना सिंह ने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस कानून को ताक पर रखकर ऊपर से मिले आदेशों के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
- निर्धारित विरोध स्थलों को 'डी-नोटिफाई' कर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
- कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारी के कारणों से अवगत नहीं कराया गया और उन्हें कानूनी मदद से वंचित रखा गया।
सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस का इस्तेमाल एक कठपुतली की तरह किया जा रहा है ताकि लोग डरें और विरोध प्रदर्शन न करें। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की गिरफ्तारियों और कानूनी धाराओं के डर से प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटेगा। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को बुधवार को कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है।