जंतर मंतर पर प्रदर्शन: CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर मचा बवाल, तिरंगा लहराने को बताया वजह

दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर अब विवाद गहरा गया है। कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने इस गिरफ्तारी को 'गैरकानूनी' बताते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि दो युवाओं को सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि वे अपने देश में बदलाव की लड़ाई लड़ रहे थे और राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहे थे।
अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि यह उनकी गिरफ्तारी का तीसरा दिन है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने बदलाव के लिए अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़ दी, वे आज जेल में बंद हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि अपने ही देश में तिरंगा लहराने की वजह से किसी को जेल जाना पड़ रहा है।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अन्य कार्यकर्ताओं को जंतर मंतर पर कथित तौर पर अनाधिकृत प्रवेश (trespassing) करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि जंतर मंतर को अब विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल (designated venue) से हटा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन कार्यकर्ताओं ने बार-बार सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश की और सोशल मीडिया के जरिए दूसरों को भी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए उकसाया।
पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर की सुबह तीन कार्यकर्ताओं सहित कुल 14 लोग निजी परिसर के रास्ते प्रतिबंधित जंतर मंतर स्थल में दाखिल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।
पार्टी सदस्य अजिंक्य शिंदे ने बताया कि कोर्ट ने कार्यकर्ताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि इस तरह की कार्रवाई से कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब विरोध प्रदर्शनों के लिए रामलीला ग्राउंड, बुरारी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड जैसे वैकल्पिक स्थानों का उपयोग किया जाना चाहिए।