जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP एक्टिविस्ट सौरभ दास समेत 14 लोग हिरासत में

देश की राजधानी दिल्ली में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के अधिकार को लेकर एक बार फिर टकराव देखने को मिला है। दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक्टिविस्ट सौरभ दास और उनके साथियों सहित कुल 14 लोगों को हिरासत में ले लिया है। इस पूरी कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को जाफुरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
इस मामले की जानकारी देते हुए उनके कानूनी सलाहकार एडवोकेट पुष्प शर्मा ने बताया कि पुलिस ने सौरभ दास, आशुतोष रंका, अजिंक्य शिंदे और 11 अन्य प्रदर्शनकारियों को सुबह जंतर मंतर से उठाया। एडवोकेट शर्मा ने पुलिस स्टेशन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को अभी अंदर रखा गया है और उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें अंदर जाने और अपने क्लाइंट्स से मिलने की इजाजत मिलेगी।
विरोध स्थलों को खत्म करने का लगाया आरोप
हिरासत में लिए जाने के दौरान सौरभ दास ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने गृह मंत्रालय के फैसले पर सवाल उठाए। दास ने कहा कि जंतर मंतर एक निर्धारित विरोध स्थल है और सरकार बिना किसी जन-परामर्श के इसे डी-नोटिफाई कर रही है। उन्होंने सरकार पर दमनकारी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले इंडिया गेट और बोट हाउस जैसे स्थलों को हटाया गया और अब जंतर मंतर की बारी है।
सौरभ दास का तर्क है कि नई दिल्ली जिले में अब विरोध प्रदर्शन के लिए एक भी जगह नहीं बची है, जिससे लोकतंत्र की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जंतर मंतर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, जिसके चलते यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था।