'सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सबके लिए खुले हैं', विपक्षी सांसदों से न मिलने पर बोले CJI

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि देश के हर नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का पूरा अधिकार है। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर विरोध मार्च निकालने की तैयारी में था। CJI ने जोर देकर कहा कि चाहे कोई आम नागरिक हो या कोई निर्वाचित प्रतिनिधि, कानूनी राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट सबके लिए खुला है और कानून के दायरे में जो भी उचित होगा, वह सुना जाएगा।
दरअसल, INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर CJI से मिलने का अनुरोध किया था। इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि उन्हें रविवार को एक पत्र मिला था, जिसका जवाब उन्होंने उसी रात दे दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने में असमर्थ हैं और इसके पीछे के कारणों को अपने जवाब में विस्तार से समझाया है।
प्रशासनिक नहीं, न्यायिक रास्ता अपनाने की सलाह
सूत्रों के मुताबिक, CJI ने अपने जवाब में यह बात साफ की है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनके साथ आने वाले प्रतिनिधिमंडल ने जिन मुद्दों को उठाया है, उनका समाधान प्रशासनिक तरीके से ज्ञापन सौंपकर नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए बेहतर होगा। चूंकि मामला पहले से ही विचाराधीन है, इसलिए उन्होंने विपक्षी नेताओं को सलाह दी कि वे कोर्ट में याचिका दायर करें।
इस विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के मध्य इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बाराखंबा रोड और मंडी हाउस जैसे इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और CRPF के जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा कारणों से कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है और कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वारों को भी बंद रखा गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।