CJI सूर्य कांत ने INDIA गठबंधन की मुलाकात की अर्जी ठुकराई, याचिका दायर करने की सलाह दी

देश की सर्वोच्च अदालत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के नेताओं द्वारा मुलाकात की औपचारिक मांग को अस्वीकार कर दिया है। विपक्षी नेता चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों और दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई गिरफ्तारियों जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था, ताकि वे चुनाव आयोग, छात्रों की गिरफ्तारी और दिल्ली में परिवहन व्यवधानों को लेकर एक ज्ञापन सौंप सकें।
CJI सूर्य कांत ने 11 अक्टूबर को जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि ये सभी मामले वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन (sub judice) हैं। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों पर कोई भी प्रशासनिक बैठक करना 'शक्तियों के पृथक्करण' (separation of powers) के सिद्धांत का उल्लंघन होगा। 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर बोलते हुए उन्होंने दोहराया कि ये चिंताएं उनके प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं और नेताओं को औपचारिक याचिका दायर कर न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
जंतर मंतर अब विरोध प्रदर्शन का केंद्र नहीं, पुलिस ने बदले नियम
एक तरफ जहां कानूनी लड़ाई चल रही है, वहीं दिल्ली पुलिस ने राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर जंतर मंतर को संगठित विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल से हटा दिया है। गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति की सिफारिशों के बाद अब प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक स्थान तय किए गए हैं: सेंट्रल दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तर-पश्चिम दिल्ली का बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड।
विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का 'विशेष गहन संशोधन' वास्तव में 'वोट चोरी' है, जिससे वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। हालांकि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे कानून के तहत की जाने वाली एक मानक सफाई प्रक्रिया बताया है।
तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने कड़े प्रतिबंध लगाए, जिससे कई मेट्रो स्टेशन बंद हो गए और एक ही दिन में 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने 11 अक्टूबर को एक विशेष सुनवाई में आदेश दिया कि शांतिपूर्ण और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए और सार्वजनिक व्यवस्था की अनिवार्य आवश्यकता के बिना मेट्रो व रेल सेवाएं चालू रहनी चाहिए।
12 अक्टूबर को 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के बैनर तले राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। राहुल गांधी ने इस मौके पर कहा कि वे मुख्य न्यायाधीश की सलाह के अनुसार अब अदालत में याचिका दायर करेंगे। विपक्ष अब मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को रोकने की मांग पर अड़ा हुआ है।