दिल्ली मेट्रो में महिला की बिना अनुमति फोटो खींचने वाला CISF जवान सस्पेंड, मची अफरा-तफरी

दिल्ली मेट्रो में 16 अगस्त 2026 को एक बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ एक महिला यात्री की बिना अनुमति के फोटो खींचने के आरोप में सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के एक अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना के बाद मेट्रो कोच में तीखी बहस और झड़प हुई, जिससे यात्रियों में भारी अफरा-तफरी मच गई थी। यह मामला तब शुरू हुआ जब महिला यात्री ने अधिकारी के फोन गैलरी में अपनी तस्वीरें देखीं, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने बीच-बचौलिया किया।
पुलिस जांच और हथियार को लेकर स्पष्टीकरण
प्रत्यक्षदर्शियों ने पहले यह बताया था कि अधिकारी ने अपनी सर्विस पिस्टल निकाली थी, लेकिन पुलिस सूत्रों ने बाद में स्पष्ट किया कि हथियार बाहर नहीं निकाला गया था। दिल्ली पुलिस को AIIMS मेट्रो स्टेशन पर रात 12:40 बजे PCR कॉल मिली थी, हालांकि शिकायतकर्ता ने अंत में कोई औपचारिक पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने का फैसला किया। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए CISF ने अधिकारी के आचरण की विभागीय जांच शुरू कर दी है और उसे तुरंत सस्पेंड कर दिया है।
दिल्ली मेट्रो के नियम और सुरक्षा प्रोटोकॉल
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) यात्रियों की प्राइवेसी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फोटोग्राफी को लेकर कड़े प्रोटोकॉल बनाए रखता है। मेट्रो रेलवे एक्ट, 2002 के तहत अनाधिकृत फिल्मिंग या किसी भी तरह के व्यवधान पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। DMRC सितंबर 2025 से विशेष रूप से सतर्क है, जब उसने यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए मेट्रो नेटवर्क पर रील बनाने और व्यवधान पैदा करने वाली सोशल मीडिया सामग्री के निर्माण पर प्रतिबंध को और कड़ा किया था।