CISF ने मानसिक तनाव को दूर करने के लिए IHBAS के साथ किया तीन साल का समझौता

नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा ड्यूटी के उच्च दबाव को देखते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने शुक्रवार को इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (IHBAS) के साथ एक महत्वपूर्ण तीन साल के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य CISF कर्मियों के लिए एक व्यापक मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें संसद भवन परिसर जैसे उच्च सुरक्षा वाले तैनाती क्षेत्रों के लिए विशेष साइकोमेट्रिक आकलन भी शामिल हैं।
विशेष प्रशिक्षण और चिकित्सा सहायता
इस समझौते के तहत चिकित्सा अधिकारियों, पर्यवेक्षक अधिकारियों और उप-अधिकारियों को शुरुआती व्यवहार में बदलाव, तीव्र तनाव के लक्षणों और मानसिक आपात स्थितियों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि समय पर पेशेवर मदद मिल सके। जिन जवानों को विशेष मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता होगी, उन्हें IHBAS की OPD और IPD सुविधाओं के माध्यम से सीधे काउंसलिंग और इलाज की सुविधा मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
IHBAS द्वारा 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' (ToT) कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे CISF मास्टर ट्रेनर्स सभी क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैला सकें। यह समझौता CISF मुख्यालय में बल की महानिरीक्षक प्रतिभा अग्रवाल और IHBAS की क्लिनिकल मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं प्रमुख विभा शर्मा के बीच हस्ताक्षर किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता CISF महानिदेशक प्रवीण रंजन ने की।