जामिया हमदर्द में सिनेमैटोग्राफर असीम मिश्रा ने छात्रों को सिखाए फिल्म मेकिंग के गुर
मशहूर सिनेमैटोग्राफर असीम मिश्रा ने जामिया हमदर्द के छात्रों को फिल्म इंडस्ट्री के व्यावहारिक अनुभव और करियर की बारीकियों के बारे में बताया।

दिल्ली की जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी में मंगलवार को एक बेहद खास सत्र का आयोजन किया गया, जहां फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने सिनेमैटोग्राफर असीम मिश्रा ने छात्रों से बातचीत की। 'मीडिया मैटर्स: कनेक्टिंग पीपल, पॉलिसी एंड प्रोग्रेस' लेक्चर सीरीज के तहत आयोजित इस सेशन में असीम मिश्रा ने अपने करियर के अनुभवों को साझा किया और छात्रों को फिल्म निर्माण की बारीकियों से रूबरू कराया।
असीम मिश्रा, जिन्होंने 'बजरंगी भाईजान', 'एक था टाइगर', '83' और 'पान सिंह तोमर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी सिनेमैटोग्राफी का जादू दिखाया है, ने छात्रों को प्रेरित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि किताबी ज्ञान और फिल्म इंडस्ट्री की जमीनी हकीकत में बहुत बड़ा अंतर होता है। उनके मुताबिक, "थ्योरी और प्रैक्टिकल एक-दूसरे से बहुत अलग होते हैं।"
इंडस्ट्री के अनुभव और मेंटरशिप की अहमियत
सत्र के दौरान असीम मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में छात्रों के लिए इंडस्ट्री के दिग्गजों से मार्गदर्शन मिलना कितना जरूरी है। उन्होंने याद किया कि जब वे खुद सीख रहे थे, तब उन्हें इस तरह के एक्सपोजर और मेंटरशिप नहीं मिली थी, जिसकी कमी उन्होंने महसूस की। उन्होंने जामिया के साथ अपने पुराने और भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे यहां कैमरे के साथ उनके शुरुआती अनुभवों ने उनके करियर की दिशा तय की।
इस खास लेक्चर सीरीज की परिकल्पना और क्यूरेशन प्रोफेसर (डॉ.) फरहत बशीर खान ने की थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जामिया हमदर्द के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) एम.जे. अब्दीन ने की, जबकि सेंटर फॉर मीडिया एंड मास कम्युनिकेशन स्टडीज (CMMS) की डायरेक्टर प्रोफेसर (डॉ.) रेशमा नसरीन प्रोग्राम की कन्वेनर रहीं।