चिराग दिल्ली में मेट्रो निर्माण से लगा लंबा जाम, सफर में लग रहा अतिरिक्त समय

अगर आप इन दिनों चिराग दिल्ली इलाके से गुजर रहे हैं, तो थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें। दिल्ली मेट्रो की फेज-IV विस्तार परियोजना के तहत बन रही 'गोल्डन लाइन' (लाइन-11) के निर्माण कार्य ने इस इलाके में ट्रैफिक की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सड़कें संकरी होने की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे राहगीरों और नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ताजा हालात यह हैं कि पीक ऑवर्स यानी भीड़भाड़ वाले समय में यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुँचने में करीब 30 मिनट की देरी का सामना करना पड़ रहा है। हालत इतनी खराब है कि सामान्य समय में जिस 2 किलोमीटर के टुकड़े को पार करने में कुछ ही मिनट लगते थे, अब वहां 15 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा है। यह पूरा मामला लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक के बीच बन रहे 8.3 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से जुड़ा है।
इंटरचेंज स्टेशन बनेगा चिराग दिल्ली, लेकिन रास्ता हुआ मुश्किल
इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि चिराग दिल्ली स्टेशन एक इंटरचेंज हब के रूप में काम करेगा, जो गोल्डन लाइन को मौजूदा मैजेंटा लाइन से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था, जिसका सिविल कॉन्ट्रैक्ट रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को दिया गया है और इसकी निगरानी DMRC कर रही है।
ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए DMRC ने कहा है कि वे प्रभावित हिस्से पर एक अतिरिक्त लेन बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वाहनों का दबाव कम हो सके। हालांकि, इस सड़क चौड़ीकरण के काम में कुछ रुकावटें आ रही हैं। रास्ते में मौजूद कई पेड़ और दो पुराने फुट ओवर ब्रिज (FOB) इस काम की रफ्तार को धीमा कर रहे हैं।
जहां तक फेज-IV के पूरा होने की बात है, कुछ प्राथमिकता वाले कॉरिडोर जून 2026 तक खुलने की उम्मीद थी, लेकिन पूरी परियोजना के पूरा होने का अनुमान अब 2028 तक लगाया जा रहा है। तब तक स्थानीय निवासियों और यात्रियों को इस ट्रैफिक जाम के साथ तालमेल बिठाना होगा।