चिपियाना रेलवे ओवर ब्रिज का काम अंतिम चरण में, दिसंबर से दौड़ेगी गाड़ियां

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से रुके हुए चिपियाना रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह ब्रिज दिसंबर तक वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा।
इस प्रोजेक्ट का पांचवां चरण अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि जब यह ब्रिज और पूरा एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हो जाएगा, तो रोजाना करीब 1 लाख वाहन इस रास्ते का इस्तेमाल करेंगे। यह न केवल सफर के समय को कम करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नजीबाबाद, बिजनौर और पौड़ी जैसे शहरों से भी बेहतर तरीके से जोड़ेगा।
एशिया का सबसे भारी ब्रिज: इंजीनियरिंग का कमाल
बता दें कि चिपियाना रेलवे ओवर ब्रिज अपनी खास बनावट के कारण चर्चा में रहा है। साल 2022 में इसे एशिया के सबसे भारी ब्रिज के रूप में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई थी। इस पुल में 115 मीटर का स्टील स्पैन है, जिसका वजन करीब 2,385 मीट्रिक टन है।
हालांकि, इस प्रोजेक्ट में पहले काफी देरी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, डिजाइन में जटिल बदलाव और भारतीय रेलवे से जरूरी क्लियरेंस मिलने में समय लगने के कारण काम की रफ्तार धीमी रही थी। लेकिन अब बचे हुए कामों को तेजी से निपटाया जा रहा है ताकि एक्सप्रेसवे नेटवर्क को पूरी तरह एकीकृत किया जा सके और यात्रियों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का लाभ मिल सके।