चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत गिरी: 2 की मौत, मलबे में अब भी 5 लोगों के फंसे होने की आशंका
दिल्ली के चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत गिरने से 2 मजदूरों की मौत हो गई। NDRF और पुलिस मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ है, जहां गली शीश महल में एक तीन मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक दो मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनकी पहचान 40 वर्षीय किशोरी और 45 वर्षीय संजीत के रूप में हुई है। हादसा इतना भीषण था कि बचाव कार्य अब दूसरे दिन भी जारी है और डर है कि अभी भी करीब पांच लोग बेसमेंट के मलबे में दबे हो सकते हैं।
चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित इस साइट पर बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। दरअसल, जिस गली में यह इमारत गिरी है, वह महज तीन फीट चौड़ी है और आगे जाकर बंद हो जाती है। इस वजह से वहां भारी मशीनें या जेसीबी नहीं पहुंच पा रही हैं। अब दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और MCD की टीमें हाथों-हाथ मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रही हैं। राहत की बात यह है कि NDRF और स्थानीय निवासियों ने मिलकर अब तक आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
लापरवाही पर एक्शन: इंजीनियर सस्पेंड, ठेकेदार गिरफ्तार
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके का दौरा किया। उन्होंने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए इलाके के असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मामले की पूरी जांच के आदेश दिए हैं और साथ ही आसपास की सभी इमारतों के सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
इस मामले में कानूनी शिकंजा भी कसना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिल्डिंग मालिक समीउल्लाह और ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस ने फरीदाबाद के सिरोही गांव के रहने वाले तीन ठेकेदारों—सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत 'गैर-इरादतन हत्या' का मामला दर्ज किया गया है।
MCD की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरी इमारत बिना किसी मंजूर नक्शे के 50 वर्ग मीटर के प्लॉट पर खड़ी की गई थी। जांच अधिकारियों को संदेह है कि कंक्रीट और मलबा अभी गीला ही था कि जल्दबाजी में अस्थायी सपोर्ट (सेंटरिंग) हटा दिए गए, जिससे पूरी संरचना अचानक ढह गई और यह बड़ा हादसा हो गया।