आईआईटी बॉम्बई की माफी स्वीकार नहीं, छात्र साहिल वाकोड़े की मौत पर सांसद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान

नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आईआईटी बॉम्बई द्वारा साहिल वाकोड़े की कथित आत्महत्या के मामले में जारी किए गए पहले के बयान पर मांगी गई औपचारिक माफी को "स्वीकार नहीं" बताया है। इस मामले में संस्थान ने अपने पिछले दावों को वापस ले लिया है और स्वीकार किया है कि बिना किसी जांच प्रक्रिया के शुरुआती निष्कर्ष निकालना अनुचित था। संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला को भी निलंबित कर दिया है, जिन पर मृत छात्र के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप है।
छात्र साहिल वाकोड़े की प्रतिभा और संस्थान का पहला बयान
साहिल वाकोड़े आईआईटी बॉम्बई में बीटेक एनर्जी साइंस के दूसरे वर्ष के छात्र थे। उन्होंने जेईई एडवांस्ड में एआईआर 614 हासिल की थी और पहले साल में 8.5 सीजीपीए प्राप्त किया था। चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आईआईटी बॉम्बई का माफी मांगना एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन 19 सितंबर को परीक्षा में मोबाइल फोन और अन्य आरोपों को लेकर जारी संस्थान के बयान ने गंभीर सवाल खड़े किए थे। संस्थान के इस शुरुआती बयान से जातिसूचक तत्वों को दलितों को अपमानित करने का अवसर मिला।
माता-पिता का दर्द और पुलिस जांच
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कल्पना कीजिए कि उन माता-पिता पर क्या बीत रही होगी, जिन्होंने एक तरफ अपना प्रतिभाशाली बच्चा खो दिया और दूसरी तरफ अपने बच्चे को बिना सत्यापन के "चीटर" साबित करने के प्रयास देखे। आईआईटी बॉम्बई, आपकी यह माफी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और यह बेहद दर्दनाक तथा शर्मनाक है। इस बीच, मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि छात्र की मौत से पहले के घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।