चंद्रशेखर आजाद रेप केस: जांच में देरी पर कोर्ट सख्त, DCP को नोटिस जारी

नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ दर्ज एक रेप शिकायत में दिल्ली की एक अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुलिस द्वारा जांच में की जा रही देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित डीसीपी (DCP) को नोटिस जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले इस मामले की पूरी जांच संपन्न की जाए।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि चंद्रशेखर आजाद ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और उसके साथ धोखाधड़ी की। जब पुलिस ने इस शिकायत पर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की, तो पीड़िता ने न्याय के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।
पुलिस की समय बढ़ाने की मांग खारिज
अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील ने प्रारंभिक जांच को पूरा करने के लिए दो से तीन महीने के अतिरिक्त समय की मांग की। हालांकि, शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील आशीष दास ने इस मांग का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि रेप जैसे गंभीर अपराध, जिनमें न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है, उनमें त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल ने पुलिस की समय बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने सीधे डीसीपी को नोटिस भेजकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जांच प्रक्रिया को जल्द से जल्द खत्म किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी, तब तक पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।