चांदनी चौक अंडरग्राउंड केबल प्रोजेक्ट के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित, जानिए पूरी जानकारी

नई दिल्ली के ऐतिहासिक व्यावसायिक केंद्र चांदनी चौक में ओवरहेड यूटिलिटी केबल को अंडरग्राउंड करने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की निगरानी और समन्वय के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया गया है। The Indian Express की 4 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस कमेटी का गठन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 26 फरवरी 2026 को शुरू किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य बदसूरत और खतरनाक हवाई तारों को हटाकर बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और क्षेत्र के सौंदर्य को बढ़ाना है।
कमेटी का गठन और जिम्मेदारियां
जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में इस हाई-पावर कमेटी को 30 मई 2026 तक औपचारिक रूप से गठित किया गया था। इसमें बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड, दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस और विभिन्न टेलीकॉम प्रोवाइडर्स के प्रतिनिधि शामिल हैं। कमेटी का काम एग्जीक्यूशन की निगरानी करना, विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच समन्वय स्थापित करना, यूटिलिटी सुरक्षा सुनिश्चित करना, ट्रैफिक मैनेज करना और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाना है। The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यापक ओवरहॉल प्रोजेक्ट में लगभग 52.5 किलोमीटर के 28 हिस्से शामिल होंगे, जिसमें आधुनिक अंडरग्राउंड केबल बिछाना, लगभग 500 नए फीडर पिलर लगाना और सजावटी स्ट्रीट लाइटें शामिल हैं। इस पर अनुमानित लागत लगभग 159.75 करोड़ रुपये (या कुछ रिपोर्टों के अनुसार 159.47 करोड़ रुपये) है।
प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन और तकनीक
दिल्ली सरकार और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) का यह सहयोगात्मक प्रोजेक्ट चरणों में लागू किया जा रहा है, जिसे मुख्य रूप से व्यवधान को कम करने के लिए रात के समय किया जा रहा है। 30 मई 2026 तक, मोरी सराय रोड और एस्प्लेनेड रोड जैसे पायलट स्ट्रेच पर काम शुरू हो चुका था, जिसकी अनुमानित लागत 17 करोड़ रुपये है और इसे जून 2026 के अंत तक पूरा किया जाना है। अधिकारी रियल-टाइम मॉनिटरिंग और एसेट मैनेजमेंट के लिए 'डिजिटल ट्विन' तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को हेरिटेज कंजर्वेशन और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि ऊर्जा मंत्री आशीष Sood ने व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के इसके लक्ष्य पर प्रकाश डाला।