दिवाली लाइटिंग के लिए चांदनी चौक बना दिल्ली की पहली पसंद, भागीरथ पैलेस में उमड़ी भीड़
दिवाली की सजावट के लिए दिल्ली का चांदनी चौक बना पहली पसंद। जानें कहां मिलेंगी सस्ती लाइट्स और क्या हैं सुरक्षा के जरूरी नियम।

दिवाली का त्योहार करीब है और दिल्ली के लोग अपने घरों को रोशनी से जगमगाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इस बार भी सजावटी रोशनी यानी चांदनी चौक दिवाली लाइटिंग की खरीदारी के लिए दिल्ली का ऐतिहासिक चांदनी चौक इलाका सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। खासकर भागीरथ पैलेस में इन दिनों पैर रखने की जगह नहीं है, जहां थोक और रिटेल दोनों तरह के खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
बाजार में इस समय वैरायटी की भरमार है। ग्राहकों के लिए एलईडी स्ट्रिप्स, फेयरी लाइट्स, स्ट्रिंग लाइट्स, सजावटी लैंप, नियॉन साइन, झूमर और पारंपरिक इलेक्ट्रिक दीये बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। सबसे खास बात यह है कि यहां हर बजट के हिसाब से सामान मिल रहा है, जहां कुछ सजावटी आइटम मात्र 10 से 30 रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध हैं। खरीदारी को आसान बनाने के लिए लोग दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन के जरिए चांदनी चौक स्टेशन पहुंच रहे हैं।
सजावट के साथ रखें सुरक्षा का ख्याल, एक्सपर्ट्स ने जारी की गाइडलाइंस
जहाँ एक तरफ बाजारों में रौनक है, वहीं सुरक्षा विशेषज्ञों ने बिजली से होने वाले हादसों को रोकने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल BIS या ISI प्रमाणित उत्पादों की ही खरीदारी करें।
सुरक्षा के लिहाज से कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- सॉकेट और एक्सटेंशन बोर्ड पर ओवरलोडिंग से बचें।
- लाइट्स लगाने से पहले तारों की अच्छी तरह जांच कर लें कि कहीं से कोई तार कटा या खुला तो नहीं है।
- पावर कॉर्ड्स को कालीनों के नीचे या ऐसी जगहों पर न बिछाएं जहां ज्यादा आवाजाही हो, क्योंकि इससे ओवरहीटिंग का खतरा रहता है।
- कागज, पर्दे और अन्य ज्वलनशील चीजों को गर्म होने वाली लाइट्स और दीयों से दूर रखें।
- एलईडी (LED) तकनीक का इस्तेमाल करें क्योंकि ये कम बिजली खर्च करती हैं और गर्म भी कम होती हैं।
- जटिल वायरिंग के काम के लिए किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन की मदद लें।
विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि रात को सोने से पहले या घर से बाहर निकलते समय सभी सजावटी लाइटों के स्विच बंद करना न भूलें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।