चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में TTE और गार्ड के बीच तीखी बहस, बिना टिकट यात्री बना वजह

रेलवे की हाई-स्पीड चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में शुक्रवार को एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। ट्रेन के अंदर सफर कर रहे एक टीटीई (TTE) और ट्रेन गार्ड के बीच किसी बात को लेकर इतनी जोरदार बहस हुई कि मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया। इस पूरे विवाद की जड़ एक ऐसा यात्री था, जिसके पास टिकट नहीं था और वह एक ऐसी जगह बैठा था जहां आम यात्रियों का जाना सख्त मना है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना 17 अक्टूबर 2026 को हुई। टीटीई जब अपनी ड्यूटी कर रहे थे, तब उनकी नजर गार्ड के आधिकारिक केबिन पर पड़ी। यह केबिन एक प्रतिबंधित क्षेत्र (Restricted Zone) होता है, जहां केवल अधिकृत रेलवे कर्मचारी ही जा सकते हैं। टीटीई ने देखा कि वहां एक बिना टिकट यात्री बैठा हुआ था। जैसे ही टीटीई ने इस पर आपत्ति जताई, गार्ड और उनके बीच बहस शुरू हो गई।
रेलवे प्रशासन ने शुरू की विभागीय जांच
दोनों कर्मचारियों के बीच विवाद बढ़ता गया, लेकिन अंततः कुरुक्षेत्र के पास उस यात्री का टिकट जारी किया गया। इस घटना के बाद टिकट चेकिंग स्टाफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को एक विस्तृत लिखित रिपोर्ट सौंपी है।
रेलवे प्रशासन ने अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू कर दी है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि आखिर वह बिना टिकट यात्री गार्ड के प्रतिबंधित केबिन तक कैसे पहुंचा और उसे वहां बैठने की अनुमति किसने दी। रेलवे यह जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।