केंद्रीय भूमि जल बोर्ड वाराणसी डिवीजन को नई दिल्ली में करेगा स्थानांतरित

केंद्रीय भूमि जल बोर्ड यानी Central Ground Water Board अपनी वाराणसी डिवीजन को बंद कर रहा है और इसके कामकाज को नई दिल्ली शिफ्ट करने की योजना बना रहा है। यह वाराणसी डिवीजन साल 1970 में स्थापित किया गया था लेकिन पिछले चार सालों से यह निष्क्रिय रहा है, जिसके बाद इसके भविष्य को लेकर प्रशासनिक चर्चाएं शुरू हुई हैं। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत काम करता है।
यह बोर्ड राष्ट्रीय स्तर के कई अहम कार्यों पर ध्यान दे रहा है, जिसमें ग्राउंडवाटर रिसोर्स असेसमेंट यानी Groundwater Resource Assessment के निष्कर्षों को मंजूरी देना और नेशनल एक्विफर मैपिंग एंड मैनेजमेंट प्रोग्राम का विस्तार करना शामिल है। यह प्रशासनिक बदलाव बोर्ड के क्षेत्रीय ढांचे में एक बड़ा कदम है और इससे प्रशासनिक क्षमता में बदलाव आएगा।
देश भर में भूजल की कमी और संदूषण को लेकर हाल ही में संसद में चिंता जताई गई थी, जिसके बाद बोर्ड ने केंद्रीकृत प्रबंधन रणनीतियों को प्राथमिकता दी है। इसमें उन्नत तकनीकों का उपयोग और दिल्ली जैसे महानगरों में बंद पड़े नलकूपों को फिर से चालू करना शामिल है, जिसकी जानकारी जल शक्ति मंत्रालय के दस्तावेजों में दी गई है।
वाराणसी कार्यालय को राष्ट्रीय मुख्यालय में मिलाने का यह निर्णय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के देश भर में प्रशासनिक और संसाधन प्रबंधन क्षमताओं को बेहतर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। इस कदम से देश भर के जल संसाधनों का प्रबंधन एक केंद्र से संचालित होगा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जाएगी।