पराली जलाने पर केंद्र का कड़ा प्रस्ताव: कृषि भूमि पर 15 महीने की रेड एंट्री का नियम

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पराली जलाने के मामलों में सख्ती बढ़ाते हुए साल 2026 के नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इसके तहत दोषी कृषि भूमि पर 15 महीने के लिए रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। यह नया प्रस्ताव दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और एनसीआर के क्षेत्रों में लागू होगा। इस खबर की पूरी जानकारी आप New Indian Express पर देख सकते हैं।
कड़े नियम और जुर्माने की राशि
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार यह रेड एंट्री घटना की तारीख से 15 महीने तक सक्रिय रहेगी। यदि कोई दोबारा पराली जलाता है या जुर्माना नहीं भरता है, तो यह अवधि और बढ़ जाएगी। जुर्माने की राशि जमीन के आकार के आधार पर तय की गई है। दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों पर 5,000 रुपये, दो से पांच एकड़ पर 10,000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक जमीन पर 30,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। जैसा कि New Indian Express में बताया गया है, यह भुगतान चालान जारी होने के 30 दिनों के भीतर करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक Gazette of India G.S.R. 788(E) दस्तावेज में की गई है।
फंड का उपयोग और आगे की प्रक्रिया
तय समय में जुर्माना न देने पर राज्य अधिकारियों द्वारा इसे भू-राजस्व के रूप में वसूला जाएगा। इन पैसों का उपयोग कृषि विविधीकरण, सब्सिडी और अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। जैसा कि Indian Express ने उल्लेख किया है, केंद्र के इस ड्राफ्ट में ऋण या खरीद पोर्टलों पर प्रतिबंध जैसी राज्य-स्तरीय बातें अनिवार्य नहीं हैं। सरकार ने इस पर जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगने के लिए 60 दिन का समय दिया है। किसान संघों ने इस दंडात्मक कार्रवाई को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं, जिसकी जानकारी Indian Express में दी गई है।