CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, दिल्ली में नेहा बोरा समेत 150 हिरासत में

देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है। 3 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे दिन हुए प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इनमें एआईएसए (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण जैसे प्रमुख चेहरे शामिल थे। ये सभी लोग पटेल चौक से जंतर मंतर की ओर मार्च कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ जब दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली जिले में धारा 163 (BNSS) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी, जिसके तहत किसी भी तरह के अनाधिकृत जमावड़े या नारेबाजी की मनाही थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए, जिसके बाद भारी संख्या में लोगों को डिटेन किया गया।
पुलिसिया कार्रवाई और बदसलूकी के आरोप
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा, जिन्हें पिछले दिन भी हिरासत में लिया गया था, ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। बोरा का दावा है कि एक महिला कांस्टेबल ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, जबकि एआईएसए के अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि एक पुरुष अधिकारी ने नेहा बोरा और अन्य के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
इस पूरे तनाव के बीच पुलिस ने अब तक कम से कम तीन एफआईआर दर्ज की हैं। ये मामले भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दर्ज किए गए हैं, जिसमें सरकारी अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का जिक्र है। गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं और न्यू दिल्ली इलाके के 12 मेट्रो स्टेशन भी बंद करने पड़े थे।
इस आंदोलन को राजनीतिक गलियारों से भी समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वर्तमान चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं पी. चिदंबरबराम ने कहा कि CEC के लिए इस्तीफा देना ही सबसे सही कदम होगा। इस बीच, भारतीय युवा कांग्रेस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न देने के पुलिस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
प्रदर्शनों में कपिल सिबल, नित्या रामakrishnan, पल्लव सिसोदिया, मनोज झा, आतिशी, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज जैसे दिग्गज भी शामिल हुए। वहीं, 'सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) ने चेतावनी दी है कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो 10 अक्टूबर को एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।