NEET-UG पेपर लीक मामला: CBI ने जांच के लिए मांगा और समय, कोर्ट ने 14 अक्टूबर तक बढ़ाई तारीख

देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े NEET-UG पेपर लीक जांच मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की है। बुधवार को राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान CBI ने जानकारी दी कि इस बड़े मामले की जांच अभी जारी है और इसे अंतिम रूप देने के लिए और वक्त की जरूरत है। इस अनुरोध के बाद स्पेशल CBI जज अजय गुप्ता ने चार्ज फ्रेमिंग (आरोप तय करने) की अगली सुनवाई अब 14 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है।
नए आरोपी की एंट्री और जांच का दायरा
अदालत फिलहाल 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी (उर्फ राज सूर्यवंशी) के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट का इंतजार कर रही है। सूर्यवंशी को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह पहले से चार्जशीटेड संदिग्ध शुभम मधुकर खैरणार का करीबी सहयोगी है और उसने परीक्षार्थियों तक लीक हुए पेपर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। जज गुप्ता ने सूर्यवंशी की न्यायिक हिरासत अगली सुनवाई तक बढ़ा दी है और निर्देश दिया है कि 14 अक्टूबर को सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाए।
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि CBI ने पहले ही 13 अन्य संदिग्धों के खिलाफ लगभग 20,000 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इन आरोपियों में मनीषा मंडहरे, मनीषा संजय हवलदार, मनीषा वाघमारे, प्रल्हाद कुलकर्णी और डॉ. मनोज शिरुरे समेत कई नाम शामिल हैं।
जांच एजेंसी ने अब तक करीब 360 गवाहों से पूछताछ की है। यह पूरा मामला 3 मई को हुई उस परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें 22.7 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। व्यापक धांधली की शिकायतों के बाद NTA ने 12 मई को नतीजे रद्द कर दिए थे और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। CBI की जांच का मुख्य केंद्र विषय विशेषज्ञों, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों का वह नेटवर्क है जिसने इस खेल को अंजाम दिया। हालांकि, अब तक की जांच में केंद्र सरकार या NTA के अधिकारियों के शामिल होने की संभावना कम दिख रही है।