सीबीआई (CBI) ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के एक कार्यकारी अभियंता को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार, 21 सितंबर 2026 को की गई। आरोपी अधिकारी का नाम वेदपाल मीणा है जो सीमापुरी स्थित DUSIB कार्यालय में तैनात था। उसे दिल्ली के नंद नगरी इलाके में रामलीला आयोजन के लिए साइट के आवंटन के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में पकड़ा गया है।
इस मामले की शुरुआत 17 सितंबर 2026 को हुई जब नंद नगरी के निवासी विजय कुमार ने सीबीआई में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अभियंता ने वजीराबाद रोड पर गगन सिनेमा के पीछे ई-1 ब्लॉक नंद नगरी में स्थित रामलीला मैदान की मंजूरी देने के लिए कुल 2.5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। मीणा इस भुगतान को दो अलग-अलग किस्तों में स्वीकार करने के लिए राजी हुआ था।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई के पुलिस अधीक्षक आई.बी. पेंडहारी ने आरोपों का सत्यापन किया और 19 सितंबर 2026 को एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। इसके बाद एजेंसी ने उसी दिन एक जाल बिछाया और जांचकर्ताओं ने आरोपी मीणा को शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की पहली किस्त मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के अलावा सीबीआई ने आरोपी के आवास पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया और इन अभियानों के दौरान 41 लाख रुपये नकद बरामद किए। एक सीबीआई प्रवक्ता ने जाल और उसके बाद की गई जब्ती के विवरण की पुष्टि की और बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।