दिल्ली: भगवान महावीर अस्पताल में रिश्वतखोरी, सीबीआई ने डॉक्टर और सुपरवाइजर को दबोचा

देश की premier जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने दिल्ली के पीतमपुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने अस्पताल के एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉक्टर और एक कॉन्ट्रैक्ट सुपरवाइजर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई एक शिकायत के बाद की गई, जिसमें अधिकारियों पर पैसों की मांग करने का आरोप लगाया गया था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान डॉक्टर हरेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो अस्पताल में मेडिसिन स्पेशलिस्ट होने के साथ-साथ आउटसोर्सिंग के नोडल ऑफिसर भी हैं। उनके साथ प्रदीप कुमार नाम के एक नर्सिंग ऑर्डरली सुपरवाइजर को भी गिरफ्तार किया गया है, जो संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर कार्यरत था। सीबीआई के मुताबिक, ये दोनों मिलकर एक कारोबारी से पैसों की मांग कर रहे थे।
टेंडर बचाने और बिल पास कराने के बदले मांगी थी रिश्वत
जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि आरोपी डॉक्टर और सुपरवाइजर ने शिकायतकर्ता से यह वादा किया था कि अगर वे रिश्वत की रकम देते हैं, तो उनके बिजनेस टेंडर को रद्द नहीं होने दिया जाएगा। इतना ही नहीं, आरोपियों ने यह आश्वासन भी दिया था कि वे बिलों की प्रोसेसिंग समय पर कराएंगे और आधिकारिक फाइलों में कोई अनावश्यक आपत्ति (objection) नहीं लगाएंगे।
सीबीआई ने जाल बिछाकर 21 अक्टूबर 2026 को इन दोनों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल दोनों आरोपी सीबीआई की गिरफ्त में हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार के खेल में और कौन-कौन शामिल है।