Caresoft Global और DRIIV का बड़ा समझौता, भारत में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग टैलेंट को मिलेगा बढ़ावा

दिल्ली (Delhi) में Caresoft Global और Delhi Research Implementation and Innovation (DRIIV) ने भारत के इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एडवांस टैलेंट डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पार्टनरशिप का मुख्य उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच की खाई को पाटना है। इसके तहत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी इंटेलिजेंस को भारतीय वर्कफोर्स में जोड़ा जाएगा, जिसमें Adroit Technologies Innovative Solutions Pvt. Ltd. इंप्लीमेंटेशन पार्टनर के रूप में काम करेगी।
सरकारी सहयोग और उद्देश्य
DRIIV भारत सरकार के Principal Scientific Adviser के ऑफिस के तहत काम करता है और इसे Prime Minister's Science, Technology and Innovation Advisory Council (PM-STIAC) की सिफारिश पर स्थापित किया गया था। यह संस्था भारत की इंजीनियरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इस सहयोग का पूरा लाभ उठाएगी। Acting CEO Prof. Ambuj D. Sagar ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल राष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है, खासकर तब जब यह सेक्टर Electric Vehicles, Software Defined Vehicles और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स आर्किटेक्चर की तरफ बढ़ रहा है।
ग्लोबल स्टैंडर्ड और करिकुलम
Caresoft Global Institute द्वारा समर्थित एक संरचित इंडस्ट्री एंगेजमेंट मॉडल के जरिए, इंजीनियरिंग संस्थान प्रैक्टिकल और ग्लोबल-स्टैंडर्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रथाओं को अपने पाठ्यक्रम (curricula) में शामिल कर सकेंगे। DRIIV में इंस्टीट्यूशनल रिलेशंस के हेड Krishna Kumar Gaur ने बताया कि यह फ्रेमवर्क शिक्षा जगत को बदलते इंडस्ट्री मानकों के साथ जोड़ने का एक स्थायी तरीका प्रदान करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ग्रेजुएट्स ग्लोबल स्केल पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।