बड़ी खबर: दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए CAQM ने बदला GRAP नियम, लागू हुए सख्त उपाय

दिल्ली-NCR में सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM ने अपने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP में बड़ा बदलाव किया है। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में 28 सितंबर 2026 को हुई पूर्ण आयोग की 30वीं बैठक के बाद, इस नए और सख्त ढांचे को आधिकारिक तौर पर 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया। इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के प्रदूषण से समय रहते निपटना है। इस नई नीति के तहत अब कई कड़े प्रतिबंध सीजन की शुरुआत में ही लागू कर दिए जाएंगे।
बसों और जनरेटर पर पहले ही लगेंगे कड़े प्रतिबंध
नीति में सबसे बड़ा बदलाव अंतर-राज्यीय और अंतर-शहर बसों की आवाजाही को लेकर किया गया है। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से दिल्ली-NCR आने वाली बसों पर अब GRAP के चरण-1 से ही प्रतिबंध लागू होंगे, जो कि पहले चरण-2 से लागू होते थे। इन नए नियमों के तहत क्षेत्र में केवल इलेक्ट्रिक, CNG या BS-VI डीजल बसें ही प्रवेश कर सकेंगी। इसके साथ ही, डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध और उससे जुड़े नियमों के उल्लंघन पर दोगुना जुर्माना लगाने का प्रावधान भी अब GRAP चरण-1 में ही आगे बढ़ा दिया गया है।
कमर्शियल वाहनों और जरूरी सामान ढोने वाली गाड़ियों के नए नियम
आयोग ने आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले BS-IV और उससे नीचे के मालवाहक वाहनों को मिलने वाली पिछली छूट को समाप्त कर दिया है, जिन्हें पहले GRAP चरण-III और चरण-IV के तहत अनुमति दी जाती थी। अब आगे से केवल इलेक्ट्रिक, BS-VI या CNG से चलने वाले कमर्शियल वाहन ही अनुमति प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, GRAP चरण-III के तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल हल्के मोटर वाहनों पर प्रतिबंध का दायरा बढ़ाकर हरियाणा के सोनीपत को भी इसमें शामिल कर लिया गया है, जो कि पहले से शामिल गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे उच्च घनत्व वाले जिलों के साथ जुड़ गया है।
कुल 48 कार्यवाहियों के साथ नए ढांचे का हुआ पुनर्गठन
तकनीकी सदस्य एसडी अत्री ने पुष्टि की है कि इस पूरे ढांचे का व्यापक पुनर्गठन किया गया है, जिसमें अब कुल 48 कार्य्रक्रम शामिल हैं। इनमें चरण-I में 25, चरण-II में 8, चरण-III में 10 और चरण-IV में 5 कार्य शामिल हैं (Source)। निर्माण और विध्वंस धूल नियंत्रण की निगरानी के दायरे को भी एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों, राजमार्ग गलियारों और विकास क्षेत्रों तक बढ़ा दिया गया है। इन बदलावों को दर्शाते हुए अपडेटेड क्या करें और क्या न करें विवरण वाली संशोधित नागरिक चार्टर जारी कर दी गई है, जो नवंबर 2025 के बाद से GRAP ढांचे का पहला बड़ा बदलाव है।