पराली जलाने पर रोक: CAQM की टीम ने पंजाब के हॉटस्पॉट गांवों का किया दौरा, जिला प्रशासन को दिए निर्देश

सर्दियों में दिल्ली-NCR और आसपास के इलाकों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में डॉ. एस डी अत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टीम ने पंजाब के अमृतसर और तरनतारन जिलों का दौरा किया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने इन दोनों जिलों को पराली जलाने के 'हॉटस्पॉट' के रूप में चिन्हित किया है, जिसके कारण वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
CAQM की टीम ने न केवल जमीनी स्तर पर गांवों का दौरा किया, बल्कि अमृतसर में दोनों जिलों के उपायुक्तों (DCs) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि धान की कटाई के सीजन में किसान पराली न जलाएं और इसके प्रबंधन के लिए जरूरी मशीनें समय पर उपलब्ध हों। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को जागरूक करने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों को तेज किया जाए।
मशीनों की उपलब्धता और निगरानी पर जोर
समीक्षा के दौरान अमृतसर जिले में फसल की कटाई और खरीद की स्थिति का जायजा लिया गया। प्रशासन ने बताया कि पराली के प्रबंधन के लिए बेलर्स का उपयोग किया जा रहा है और एक ऐसी सप्लाई चेन बनाई गई है जिससे पराली को बॉयलर वाले उद्योगों तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, जिला प्रशासनिक परिसर में एक कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क भी बनाया गया है, ताकि जिन किसानों को CRM मशीनों की जरूरत है, उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
वहीं, तरनतारन जिले में भी फसल खरीद और मशीनों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वहां नोडल और क्लस्टर अधिकारियों के माध्यम से खेतों की सघन पेट्रोलिंग और निगरानी की जा रही है। दोनों जिलों के अधिकारियों ने CAQM के दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने और पराली जलाने की घटनाओं को शून्य करने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए CAQM ने एक व्यापक निगरानी तंत्र तैयार किया है। इसके तहत 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक पंजाब के 18 जिलों में 'फ्लाइंग स्क्वॉड' तैनात किए गए हैं। इनमें संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, बठिंडा, अमृतसर, लुधियाना और पटियाला जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं, जो लगातार फील्ड सर्वे कर रहे हैं ताकि पराली जलाने की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।