पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर सख्त CAQM, पंजाब के DC और SSP को थमाया नोटिस
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच CAQM ने गुरदासपुर और कपूरथला के DC और SSP को शो-कॉज नोटिस जारी किया है।

दिल्ली और एनसीआर में जहरीली हवा का कहर जारी है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 451 के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। इस बीच, पराली जलाने की घटनाओं पर लगाम लगाने में नाकाम रहे पंजाब के अधिकारियों पर गाज गिरी है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने गुरदासपुर और कपूरथला के डिप्टी कमिश्नर (DC) और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
CAQM ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि पंजाब के इन इलाकों में पराली जलाने के मामलों में कमी आने के बजाय बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, कपूरथला में 15 सितंबर से 2 नवंबर 2026 के बीच 99 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 96 थी। यह बढ़ता ट्रेंड प्रशासन की लापरवाही की ओर इशारा करता है।
निगरानी तंत्र पर खड़े हुए गंभीर सवाल
नोटिस में यह बात साफ तौर पर कही गई है कि पंजाब सरकार की एक्शन टेकन रिपोर्ट के बावजूद, कपूरथला में पराली जलाने वालों के खिलाफ CAQM एक्ट 2021 की धारा 14 के तहत कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 'पराली प्रोटेक्शन फोर्स' ने किसी भी आग की घटना का पता नहीं लगाया या उसकी रिपोर्ट नहीं की, जिससे जमीनी स्तर पर निगरानी और सर्वे सिस्टम की प्रभावशीलता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
कमीशन ने अब इन अधिकारियों से जवाब मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ नियमों की अनदेखी और निर्देशों के उल्लंघन के लिए कानूनी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए 6 नवंबर तक का समय दिया गया है।
गौरतलब है कि CAQM की एक उच्च स्तरीय टीम ने हाल ही में पंजाब के रोपड़, होशियारपुर और अमृतसर का दौरा किया था। इस टीम ने थर्मल पावर प्लांट, सीबीजी प्लांट और कृषि विज्ञान केंद्रों का निरीक्षण कर यह जानने की कोशिश की कि पराली प्रबंधन के लिए जमीन पर क्या इंतजाम किए गए हैं और फसल कटाई के सीजन में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।