AQI 382 पहुंचा: दिल्ली-NCR में GRAP-III लागू, निर्माण कार्यों पर लगी पूरी रोक

दिल्ली का AQI 382 पहुँचने के बाद CAQM ने GRAP-III restrictions लागू किए हैं। जानें अब शहर में किन कामों पर पाबंदी रहेगी।

Kittu Kumari6 November 20262 min read0 viewsNCR
AQI 382 पहुंचा: दिल्ली-NCR में GRAP-III लागू, निर्माण कार्यों पर लगी पूरी रोक

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया है, जिसके बाद हवा की स्थिति 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। इस बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने तत्काल प्रभाव से पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण (Stage-III) की पाबंदियां लागू कर दी हैं।

दिवाली से पहले प्रदूषण के स्तर को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और CPCB के आंकड़ों के आधार पर प्रशासन ने यह फैसला लिया है ताकि उत्सव के दौरान होने वाली भीड़ और मौसमी बदलावों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।

निर्माण और धूल उड़ाने वाले कामों पर सख्त पाबंदी

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GRAP-III के लागू होने के साथ ही शहर में निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब खुदाई, बोरिंग, ड्रिलिंग, पाइलिंग, राजमिस्त्री का काम, सड़क निर्माण, बड़ी मरम्मत, पेंटिंग, पॉलिशिंग और वेल्डिंग जैसे कामों की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा टाइल्स और पत्थरों की कटाई और ग्राइंडिंग पर भी सख्त मनाही है।

प्रशासन ने धूल पैदा करने वाले सामानों जैसे सीमेंट, रेत, ईंट, फ्लाई ऐश और क्रश्ड स्टोन के परिवहन, लोडिंग और अनलोडिंग पर भी पाबंदी लगा दी है, खासकर उन सड़कों पर जो पक्की नहीं हैं। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सड़कों की सफाई तेज करने, पानी का छिड़काव बढ़ाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निजी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने और पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी जैसे उपायों पर जोर दिया जा रहा है।

हालांकि, कुछ विशेष परियोजनाओं को इन पाबंदियों से छूट दी गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, रेलवे, मेट्रो सेवाओं, हवाई अड्डों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों, अस्पतालों, राजमार्गों, फ्लाईओवरों, बिजली ट्रांसमिशन, पानी और सीवेज बुनियादी ढांचे और पाइपलाइन परियोजनाओं से जुड़े कामों को जारी रखने की अनुमति होगी।

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