दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: CAQM ने लागू किया GRAP-II, अब तंदूरों में कोयले पर लगी रोक
दिल्ली-NCR में AQI 300 के पार जाते ही CAQM ने GRAP-II लागू किया। अब तंदूरों में कोयले पर रोक और पार्किंग फीस बढ़ाई जाएगी।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है, जिसके चलते अब प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में 2 नवंबर 2026 से दिल्ली NCR GRAP-II (Graded Response Action Plan Stage-II) लागू कर दिया है। यह फैसला तब लिया गया जब दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शाम 4 बजे तक 324 तक पहुंच गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। हैरान करने वाली बात यह है कि 31 अक्टूबर को AQI महज 117 था, जो महज दो दिनों में 300 के पार चला गया।
प्रदूषण रोकने के लिए क्या हैं नए प्रतिबंध?
GRAP-II लागू होने के साथ ही अब आम जनता और व्यापारियों के लिए कई पाबंदियां लागू हो गई हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और धूल व धुएं के उत्सर्जन को रोकना है। इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- तंदूरों पर पाबंदी: अब होटलों, रेस्टोरेंट्स और सड़क किनारे चलने वाले ढाबों में कोयले या लकड़ी के तंदूरों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन सभी को अब बिजली या गैस आधारित उपकरणों का उपयोग करना होगा।
- पार्किंग फीस में बढ़ोतरी: निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए स्थानीय निकायों को पार्किंग शुल्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर जोर: लोगों से अपील की गई है कि वे निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो, बस और RRTS जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करें।
- सफाई अभियान: सड़कों पर धूल कम करने के लिए मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग बढ़ाई जाएगी और पानी व डस्ट सप्रेसेंट्स का छिड़काव किया जाएगा।
- डीजल जनरेटर पर सख्ती: आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य डीजल जनरेटर सेटों के उपयोग पर कड़े नियम लागू किए गए हैं।
- ऑफिस टाइमिंग में बदलाव: ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए सरकारी दफ्तरों और नगर निकायों को काम के घंटों में बदलाव (Staggered working hours) करने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, निर्माण और विध्वंस (C&D) स्थलों की निगरानी और कड़ी की जाएगी। गौरतलब है कि 1 नवंबर से ही बाहरी राज्यों के गैर-BS-VI पेट्रोल और डीजल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक है, हालांकि इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI वाहनों को इससे छूट दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण के ये सभी कड़े उपाय 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे।